*बहरीपुर में श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम दिवस सम्पन्न, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर*
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*संवाद :शिवपूजन मिश्रा*
सिंगरामऊ (जौनपुर)। क्षेत्र के बहरीपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम दिवस रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर कथा स्थल पर आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर कथा का रसपान किया।
कार्यक्रम में अयोध्या से पधारे साधु-संतों एवं महंतों के सानिध्य में कथा का आयोजन हुआ। मुख्य यजमान प्रेम जायसवाल एवं उनकी धर्मपत्नी चंद्रकला जायसवाल ने इसे अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि इस धार्मिक आयोजन से उन्हें अपार मानसिक शांति और आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हुई।
एक सप्ताह तक चले इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन सायंकाल 5 बजे से 8 बजे तक कथा वाचन किया गया। कथा व्यास परम पूज्य महाराज डॉ. आनंद दास ने अपनी ओजस्वी वाणी से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग सहित विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि सच्चे मन से भगवान की शरण में जाकर भागवत कथा का श्रवण करने वाले भक्तों को सांसारिक बंधनों से मुक्ति मिलती है और उन्हें सद्गति प्राप्त होती है। साथ ही उन्होंने बताया कि भक्ति भाव से कथा सुनने वाले भक्तों को 84 लाख योनियों में भटकना नहीं पड़ता।
कथा के दौरान भव्य झांकी भी निकाली गई, जिसमें भगवान के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ अर्जित किया। महिलाओं ने सोहर व भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया और झांकी पर पुष्पवर्षा कर आनंद व्यक्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन एवं भगवान की मंगल आरती की गई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान उपस्थित साधु-संतों एवं महंतों ने भी आयोजन की सराहना करते हुए इसे अत्यंत पुण्यदायी बताया।
