राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में सोमवार को शोकसभा आयोजित कर काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी के राजनीति विज्ञान विभाग के वरिष्ठ विद्वान एवं पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. रामप्रवेश पाठक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया।
शोकसभा में वक्ताओं ने प्रो. पाठक को उच्च कोटि का राजनीतिक चिंतक, संवैधानिक विशेषज्ञ तथा भारतीय राजनीतिक विचारधारा को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने वाले अग्रणी विद्वानों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रो. पाठक की विद्वत्ता और चिंतन क्षमता इतनी प्रखर थी कि वे अपने विचारों से किसी भी संगोष्ठी या सेमिनार को नई दिशा और नया दृष्टिकोण प्रदान कर देते थे।
वक्ताओं ने उनके राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष, सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन, राजा राममोहन राय छात्रावास के वार्डन तथा डीन स्टूडेंट वेलफेयर के रूप में दिए गए उत्कृष्ट प्रशासनिक योगदान को भी स्मरण किया। सभी ने उनके शैक्षणिक एवं प्रशासनिक जीवन को प्रेरणादायी बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
विभागाध्यक्ष प्रो. जयकुमार मिश्र ने प्रो. पाठक के साथ बिताए अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें भारतीय एवं पाश्चात्य राजनीतिक चिंतन का गहन अध्येता बताया। उन्होंने कहा कि प्रो. पाठक अत्यंत सरल, सहज और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे। उनके अनुसार, प्रो. पाठक को जो भी पद मिला, उन्होंने उसे अपनी विद्वता और कर्मनिष्ठा से गौरवान्वित किया। विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी तार्किक क्षमता और त्वरित चिंतन श्रोताओं को नए विचारों पर सोचने के लिए प्रेरित करता था।
डॉ. राजेश कुमार सिंह ने प्रो. पाठक को भारतीय राजनीतिक परंपरा का एक मजबूत स्तंभ बताते हुए उनसे जुड़े कई संस्मरण साझा किए और उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।
शोकसभा में प्रो. जयकुमार मिश्र, प्रो. इंदु प्रकाश सिंह, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. पतिराम राव, डॉ. गिरीश मणि त्रिपाठी, डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, डॉ. रमेश कुमार यादव, डॉ. आनंद कुमार सिंह सहित राजनीति विज्ञान विभाग एवं अन्य विभागों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
