स्वामित्व योजना: ग्रामीणों को सशक्त बनाता कानूनी हक, सपनों का घर अब अपना हुआ।
सुधा द्विवेदी शहर
जौनपुर जिले में *स्वामित्व योजना* के तहत 44,355 ग्रामीणों को उनके घरों का मालिकाना हक देने के लिए ‘घरौनी’ प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह कार्यक्रम वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संगोष्ठी भवन में आयोजित किया गया, जिसमें राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी और जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र जैसे प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया और लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। 
*स्वामित्व योजना* का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के स्वामित्व को कानूनी रूप से स्पष्ट करना है। इस योजना के तहत ड्रोन तकनीक का उपयोग करके गांवों का सर्वेक्षण किया जाता है और घरों का सटीक मानचित्रण कर प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। इस पहल से संपत्ति विवादों में कमी आएगी और ग्रामीण अपने घरों के दस्तावेजों का उपयोग बैंक से ऋण लेने के लिए कर सकेंगे।
राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कार्यक्रम में कहा कि स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को ‘घरौनी’ के रूप में उनके घरों का कानूनी दस्तावेज मिल रहा है। यह दस्तावेज घर के लिए वैधता प्रदान करेगा, जो खतौनी की तरह महत्वपूर्ण होगा और बैंक से कर्ज लेने की प्रक्रिया को भी आसान बनाएगा।
राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने बताया कि इस योजना से आबादी से जुड़े विवादों को सुलझाने में मदद मिलेगी। ड्रोन सर्वे के जरिए सटीक जानकारी एकत्रित कर घरौनी प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को उनके घरों पर स्वामित्व का अधिकार मिल रहा है।
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने इस योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे न केवल संपत्ति के अधिकार सुनिश्चित होंगे, बल्कि ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त होने का भी अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से लोग अपने घरों के आधार पर स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं और अपने जीवन स्तर को सुधार सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली, क्योंकि वर्षों से लंबित उनके घरों के स्वामित्व का सपना अब साकार हो गया है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
