*रामगंज रजवाहा नहर सूखी पड़ी ,धान के खेतों में पड़ी दरारें*
*बारिश नहीं होने से किसान परेशान, नहर में उगी घास; शीघ्र पानी छोड़े जाने की मांग*
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*संवाद: शिवपूजन मिश्रा*
सिगरामऊ। क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। एक ओर आसमान से बारिश नहीं हो रही है, वहीं दूसरी ओर रामगंज क्षेत्र की रजवाहा नहर में भी पानी नहीं पहुंचने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पानी के अभाव में धान के खेतों में जगह-जगह दरारें पड़ने लगी हैं। नहर में भी बड़ी-बड़ी घास उग आई है। जो इस समय किसी चरागाह से कम नहीं.
घागरपारा, रतासी, बहरीपुर, फिरोजपुर, तुलापुर और डंडारी सहित आसपास के गांवों के किसानों ने किसी तरह धान की रोपाई तो कर ली, लेकिन अब उन्हें फसल की सिंचाई के लिए नहर में पानी आने का इंतजार है। किसानों को उम्मीद थी कि नहर में पानी आने के बाद धान की फसल को पर्याप्त सिंचाई मिल सकेगी, लेकिन बारिश नहीं होने के साथ नहर में पानी न आने से उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।
किसानों का कहना है कि हजारों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई के लिए नहर का निर्माण कराया गया है। प्रत्येक वर्ष नहर की साफ-सफाई और मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये के टेंडर होते हैं, लेकिन जब फसल को पानी की जरूरत होती है तो नहर सूखी नजर आती है। किसानों का आरोप है कि उन्हें हर वर्ष नहर में पानी आने की उम्मीद रहती है, लेकिन समय पर पानी नहीं मिलने से उन्हें निराशा हाथ लगती है।
क्षेत्रीय किसानों ने संबंधित अधिकारियों से शीघ्र नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है। घागरपारा के ग्राम प्रधान जय नारायण उपाध्याय, रतासी के ग्राम प्रधान फारूक, लालदेव यादव, संतोष शुक्ला (फिरोजपुर), वंश गोपाल (डंडारी), दिनेश मिश्रा (तुलापुर), विधायक प्रतिनिधि गिरीश चंद्र मिश्रा, पूर्व प्रधान रामनारायण मिश्र, विमल मिश्रा सहित दर्जनों किसानों ने कहा कि यदि जल्द नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो धान की फसल सूखने की स्थिति में पहुंच सकती है।
नहर कटने से बाधित हुई जलापूर्ति
इस संबंध में नहर विभाग के जेई अजीत सिंह उर्फ बंटी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नहर किलोमीटर संख्या 32.500 के पास सुकुल उमरी में कट गई थी। इसी वजह से पानी आगे नहीं पहुंच सका। उन्होंने कहा कि नहर की समस्या को शीघ्र दूर कराया जाएगा और किसानों को राहत देने के लिए जल्द पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
