*नगर पंचायत कोइरीपुर में हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की याद में निकला भव्य जुलूस,*
*जगह-जगह हुआ शरबत व बिरयानी का वितरण*
संवाददाता दधीच विश्वकर्मा
नगर पंचायत कोइरीपुर में हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत की याद में पारंपरिक जुलूस पूरे धार्मिक आस्था और शांतिपूर्ण वातावरण में निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और “नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर” के उद्घोष के साथ मातमी जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
जुलूस के दौरान विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों एवं स्थानीय लोगों द्वारा अकीदतमंदों और राहगीरों के लिए शरबत तथा बिरयानी का वितरण किया गया। इस सेवा कार्य की लोगों ने सराहना की और इसे आपसी भाईचारे एवं सौहार्द का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम के अंतर्गत कर्बला मैदान में पारंपरिक अखाड़े का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए अखाड़ों के खिलाड़ियों ने हैरतअंगेज करतब और पारंपरिक युद्धकला का प्रदर्शन किया। बदलापुर, गौरामाफी, चांदा हसरों पट्ट सहित आसपास के कई क्षेत्रों से आए अखाड़ों ने अपने-अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आयोजकों द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सेवार्थम फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. आशीष तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सेवार्थम फाउंडेशन के सभी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इसके अलावा नगर पंचायत कोइरीपुर के डॉ. मंसूर अंसारी, सुल्तानपुर के अधिवक्ता एजाज भाई, इसरार नेता, जावेद सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रीय लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने हज़रत इमाम हुसैन की कुर्बानी, इंसानियत, न्याय और सत्य के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए कहा कि कर्बला का संदेश आज भी समाज को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, भाईचारे और मानवता की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। पूरे आयोजन का समापन अमन, शांति और आपसी सद्भाव की दुआओं के साथ हुआ।
