राम-जानकी विवाह महोत्सव की भव्य धूम, भक्तिमय वातावरण में गूंजे जय श्रीराम के जयकारे
अयोध्या धाम। श्री रामजानकी राधा कृष्ण मंदिर, रामकोट में आयोजित श्रीमद् वाल्मीकि रामायण रामकथा के अंतर्गत राम-जानकी विवाह महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।
परम पूज्य साहित्याचार्य महंत श्री शिव प्रसाद दास जी महाराज ने भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि राम-सीता का विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा और आदर्शों का पावन मिलन है।
विवाह प्रसंग के दौरान कथा पंडाल को जनकपुर और अयोध्या की भव्य झांकियों से सजाया गया। भगवान श्रीराम की बारात आकर्षक ढंग से निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु नृत्य करते हुए भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ सम्मिलित हुए। महिलाओं ने मंगलगीत गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कथा के दौरान पूज्य डॉ. आनन्ददास जी महाराज का सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि श्रीराम और माता जानकी का जीवन प्रत्येक परिवार के लिए आदर्श है।
उनके चरित्र से हमें प्रेम, त्याग, मर्यादा और कर्तव्य पालन की प्रेरणा मिलती है।
राम-जानकी विवाह के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने उपस्थित होकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में व्यवस्थापक पुजारी अजय दास एवं मंदिर परिवार का विशेष योगदान रहा।
जय श्रीराम के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
