*पुरानी तहसील परिसर में गरजी किसान पंचायत, प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन – 10 दिन की चेतावनी*
किसानों का साफ संदेश:
*”भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, कार्रवाई नहीं तो आंदोलन तेज होगा!”*
लम्भुआ, सुल्तानपुर | बुधवार
भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रीयतावादी) की एक महत्वपूर्ण पंचायत आज पुरानी तहसील परिसर में जिलाध्यक्ष गौरी शंकर पांडे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। पंचायत में पहले से दिए गए मांगपत्र पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
पंचायत के निर्धारित समय पर प्रशासनिक अधिकारियों के न पहुंचने से नाराज किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।
आक्रोशित किसान नारेबाजी करते हुए सीधे थाना लम्भुआ पहुंच गए और घेराव कर दिया। स्थिति को संभालते हुए कोतवाली प्रभारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि उपजिलाधिकारी स्वयं पंचायत स्थल पर पहुंच रही हैं, जिसके बाद किसान वापस लौटे।कुछ देर बाद थाना अध्यक्ष उपजिलाधिकारी के साथ पंचायत स्थल पहुंचे,
जहां किसानों और प्रशासन के बीच लंबी वार्ता हुई। इस दौरान किसानों ने तहसील प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर कड़ा विरोध जताया। विशेष रूप से कानूनगो राजेश गौतम और उपजिलाधिकारी के पेशकार अनिल कुमार के खिलाफ कार्रवाई न होने पर नाराजगी व्यक्त की गई।इसके साथ ही रूपी का पुरवा चौकी प्रभारी द्वारा एक विधवा महिला के खिलाफ एकतरफा मुकदमा दर्ज किए जाने को लेकर भी किसानों ने कड़ा आक्रोश जताया
और इसे अन्यायपूर्ण बताया।किसानों ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई नहीं की गई तो वे पंचायत स्थल से नहीं हटेंगे। हालांकि, उपजिलाधिकारी द्वारा 10 दिनों के भीतर जांच कर कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।अंत में किसान संगठन ने अपना 15 सूत्रीय मांग पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो पुनः पंचायत कर “आर-पार की लड़ाई” लड़ी जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।पंचायत में प्रदेश महासचिव रामकृपाल सिंह, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष इंद्रसेन सिंह, जिला उपाध्यक्ष रमेश चंद्र दुबे, राज नारायण तिवारी, संजीव पांडेय, राम नायक तिवारी, तहसील अध्यक्ष अजय वर्मा, अरविंद चतुर्वेदी, राम सुरेश यादव सहित सैकड़ों पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।
