*मृत्युञ्जय महादेव धाम में धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर का पं. रघुश्रेय महाराज ने किया मार्मिक वर्ण*
प्रेम शर्मा
जौनपुर विकासखंड बक्शा के उमरछा गांव स्थित मृत्युञ्जय महादेव धाम में सावन मास के मौके पर चल रहे नौ दिवसीय नवाह्न पारायण कथा के पांचवें दिन धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा व्यास पं. रघुश्रेय महाराज ने भगवान श्रीराम के जनकपुर आगमन, फुलवारी प्रसंग, धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर का मार्मिक वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि फूलवारी प्रसंग जीव और ब्रह्म के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने भजन प्रस्तुत किया तो पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और जयकारों से गूंज उठा। धनुष यज्ञ प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि राजा जनक की सभा में बड़े-बड़े राजा शिव धनुष को हिला तक नहीं सके।
ऋषि विश्वामित्र की आज्ञा से श्रीराम ने धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई तो वह टूट गया। इसके बाद सीता जी ने श्रीराम के गले में जयमाला डालकर उनका वरण किया। शुभारंभ पर मुख्य यजमान सुशील कुमार उपाध्याय, पद्मा उपाध्याय, अभिषेक उपाध्याय और मधु उपाध्याय ने व्यास पीठ और भगवान का पूजन किया। आचार्य पं. अभिषेक मिश्र और पं. हीरामणि उपाध्याय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
