*मीरा रोड में ‘अनुभव जीवन के’ पुस्तक का हुआ विमोचन*

*मीरा रोड में ‘अनुभव जीवन के’ पुस्तक का हुआ विमोचन*

*पैतृक गांव निवास रामीपुर में खुशी की लहर लोगों ने दी बधाइयां*

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*संवाद :शिवपूजन मिश्रा*

मीरा रोड। विरूंगला केन्द्र में साहित्यकार माता प्रसाद चतुर्वेदी की सद्य प्रकाशित कृति ‘अनुभव जीवन के’ का विधिवत विमोचन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों, लेखकों, संस्था संचालकों एवं उनके शिष्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कुसुम त्रिपाठी ने कहा कि लेखक के लेखन में विषयों की व्यापकता और विविधता स्पष्ट झलकती है। उन्होंने कहा कि अपने आलेखों के माध्यम से चतुर्वेदी आज भी एक शिक्षक की भूमिका का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। पुस्तक में समाज, परिवार, गांव, शहर, जन्मभूमि, कर्मभूमि, बेटी, संपत्ति, रिश्ते, मीडिया एवं आधुनिक तकनीक जैसे समसामयिक विषयों को शामिल किया गया है।

प्रो. शीतला प्रसाद दूबे ने कहा कि यह महत्वपूर्ण नहीं है कि व्यक्ति किस विचारधारा से जुड़ा है, बल्कि यह अधिक महत्वपूर्ण है कि उसके कार्यों में उसकी वैचारिकता कितनी प्रतिबिंबित होती है। उन्होंने एक उदाहरण के माध्यम से समाजसेवा और संवेदनशीलता के महत्व को रेखांकित किया तथा पुस्तक को अत्यंत पठनीय बताया।

 

अपने संबोधन में कमला शंकर मिश्र ने अपने चिर-परिचित हास्य-विनोदपूर्ण अंदाज में बदलते समय में अच्छी पुस्तकों के अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं डॉ दयानंद तिवारी ने मूल्यपरक लेखन की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि यदि साहित्य में मूल्यों का समावेश नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में समाज की स्थिति चिंताजनक हो सकती है, विशेषकर बुजुर्गों का जीवन प्रभावित होगा।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हृदयेश मयंक ने शिक्षकों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए पुस्तकों के साथ-साथ शिक्षक की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि वर्तमान समय में शिक्षक विद्यार्थियों में वैसा आदरभाव क्यों नहीं जगा पा रहे हैं जैसा पहले देखने को मिलता था।

 

पुस्तक के प्रकाशन संबंधी जानकारी देते हुए प्रकाशक राजीव मिश्रा ने बताया कि यह उनकी संस्था से प्रकाशित ऐसी पुस्तक है जिसे उन्होंने स्वयं आरंभ से अंत तक पढ़ा। अपने लेखकीय वक्तव्य में माता प्रसाद चतुर्वेदी ने उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया और शीघ्र ही अपनी दूसरी पुस्तक प्रकाशित होने की जानकारी दी।

 

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। आशीर्वचन पंडित कमलाशंकर मिश्र ने दिया तथा आभार प्रदर्शन धर्मेंद्र चतुर्वेदी ने किया। कार्यक्रम का समापन साहित्यिक संवाद और पुस्तक चर्चा के साथ हुआ।

उनके निवास गांव में बधाइयां देने वालों का ताता लगा रहा बधाइयां देने वालों में मुख्य रूप से ग्राम प्रधान दिनेश मिश्रा, पूर्व प्रधान रामनारायण मिश्र, गिरीश चंद्र मिश्रा, देवता मिश्र, त्रिलोकी नाथ मिश्रा, गुड्डू मिश्रा सभापति, गौरी शंकर तिवारी सत्य प्रकाश तिवारी, सहित आदि गणमान्य उपस्थित रहे

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