*लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन सख्त, मछलीशहर में अस्पतालों और संस्थानों की जांच तेज*
*संवाद :माता चरण पांडे*
जौनपुर/मछली शहर। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में बुधवार को उपजिलाधिकारी अजय उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी प्रतिमा वर्मा तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अजय सिंह की संयुक्त टीम ने नगर के विभिन्न अस्पतालों और संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर बेसमेंट के उपयोग में अनियमितताएं मिलने पर नोटिस जारी किए गए, जबकि कुछ प्रतिष्ठानों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
निरीक्षण की शुरुआत चुंगी चौराहे स्थित सिटी हॉस्पिटल से हुई। यहां बेसमेंट में ऑपरेशन थिएटर और ओपीडी संचालित होते पाए गए। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को देखते हुए टीम ने बेसमेंट को सील कर दिया तथा अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
इसके बाद टीम अपोलो हॉस्पिटल पहुंची, जहां बेसमेंट में मेडिकल स्टोर संचालित होता मिला। अस्पताल के एक वार्ड में कोई मरीज नहीं पाया गया। अस्पताल प्रबंधन को भी बेसमेंट में मेडिकल स्टोर संचालित करने के संबंध में नोटिस जारी किया गया।
मीरपुर तिराहे स्थित कमला हॉस्पिटल और लालती हॉस्पिटल की जांच में बेसमेंट पूरी तरह खाली मिला तथा आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख सही पाए गए। वहीं, समीप स्थित जय मां सरस्वती हॉस्पिटल का संचालक जांच टीम के पहुंचने से पहले ही अस्पताल बंद कर मौके से चला गया।
टीम ने सिंह नेत्रालय, कृष्णा हॉस्पिटल, मां विद्यावती हॉस्पिटल और एसआर हॉस्पिटल का भी निरीक्षण किया। जांच के दौरान रोडवेज बस स्टेशन के निकट तहसील मार्ग पर संचालित एपीसीएस कंप्यूटर सेंटर की कक्षाएं बेसमेंट में चलती मिलीं। इस पर संस्थान संचालक को तत्काल बेसमेंट का उपयोग बंद करने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया गया।
उपजिलाधिकारी अजय उपाध्याय ने बताया कि जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
